भा.ज.पा सहयोग मंच (एक राजनीतिक उन्मुख । गैर राजनैतिक (सामाजिक संगठन जैसा की नाम से ही ज्ञात होता है की यह संगठन भारतीय जनता पार्टी एक लिए बनाया गया है। गैर राजनैतिक सामाजिक संगठन है किन्तु राजनीतिक उन्मुख है अर्थात राजनितिक लाभ, सरकार की योजनाओ से समाज को लाभ मिल सके, राजनीतिक दृष्टिकोण से समाज कहीं पिछड़ तो नहीं रहा, यह है राजनीतिक उन्मुख होने का मतलब यह संगठन गुजरात के अहमदाबाद जिले से सनातन धर्म हिंदुत्व हिंदू राष्ट्र व भारतीय जनता पार्टी वर्षों से संघर्ष करने वाले श्री आशुतोष के शर्मा ने अपने कॉन्सेप्ट ओर अनुभव से मंथन करके यह टाईटल सुझाया और हिन्दू समाज के झुंझारु नेता श्री भुषण भट्ट श्री अरुण राय, जोकी ए आर न्यूज़ चैनल के सी ई ओ है, उन्होंने अपने साथियो के सहयोग से इस संगठन को गुजरात ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर विकसित किया अतः इस संगठन के मुख्य संस्थापक आशुतोष के शर्मा है भारतीय जनता पार्टी के पुर्व विधायक श्री भुषण भट्ट द्वारा दिए गए टाईटल के इस संगठन के नाम में सारे सार छुपे हुवे है। राजनीतिक दृष्टि से, प्रशासनिक व सामाजिक स्तर की दृष्टि से वंचित रहे लोगों तक ओजनाये पहुंच के लिए कार्य करने के उद्देश्य से इसका गठन किया गया है। इसमें दिग्गज नेताओ की जगह रुट स्तर पर यानि जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओ को प्राथमिकता दी जाती है। हमारी संस्था में बगैर किसी भेदभाव के सभी राजनैतिक और सामजिक स्तर के लोगो को हमारे संगठन में स्थान दिया जाता है ताकि सरकार किसी की भी हो समाज के कार्य अवरुद्ध न हो। हमारे संगठन का मूल उद्देश्य सामाजिक, प्रशासनिक व राजनीतिक स्तरों पर वंचितों को आगे बढ़ाना है। राष्ट्रीय स्तर पर सामाजिक समरसता पर कार्य करके राष्ट्रीय एकता स्थापित करना हमारा ध्येय है। इस संगठन में समाज के विभिन्न पहलुओ को देखते हुवे कई अलग अलग विषयों के प्रकोष्ठों का भी गठन किया गया है, सभी प्रकोष्ठ मुख्य संगठन के समान ही संगठन के विधान से पोषित एवं शक्ति प्राप्त है बस केवल उनके विषय अलग अलग है। इन प्रकोष्ठो (कुछ एक जाति विशेष को छोड़कर) एवं मुख्य शाखा में अर्थात एक सामान्य जातियों की
गरीब एवं वंचित
रही जातियो के सदस्य होंगे। ऐसा कोई नियम नहीं है की इनमे से केवल एक ही जाति के लोग होंगे या अलग अलग जाति के, यदि एक ही जाति समुदाय के लोग हो या सबमे से कुछ, चाहे जो भी स्थिति हो, सब आमंत्रित है कार्य करने के लिए और कार्यकारिणी सदस्य किसी भी जाति विशेष/समुदाय का ही क्यों न हो वो सभी के हित के लिए कार्य करने के लिए बाध्य है। संस्थापक सदस्यों जिनमे मुख्यतः राष्ट्रीय संयोजक संरक्षक व राष्ट्रीय अध्यक्ष संस्थापक (जिनका चुनाव नहीं होगा), उनके अतिरिक्त सभी का कार्यकाल 02 वर्ष का रखा गया है जिसको वक्त परिस्थितियों को देखकर बढ़ाया या घटाया भी जा सकता है।